Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar: love poem

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Thursday, September 05, 2019

Hindi love poem : जब उसने कह ही दिया मुझको कोई दीवाना - Ranjan Kumar

September 05, 2019 0
जब उसने कह ही दिया मुझको कोई दीवाना , सर पर ये इल्जाम ले जाऊँ तो किधर जाऊँ !  वफा की रस्मों पर अब ऐतबार और नहीं , अब तो आरजू भी यही है ...
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Sunday, July 21, 2019

Friday, July 05, 2019

Monday, May 27, 2019

Thursday, May 23, 2019

Hindi poetry on life : प्यार और स्नेह धारा है एक विद्युत् तरंग जैसा - Ranjan Kumar

May 23, 2019 0
प्यार और स्नेह धारा है एक  विद्युत् तरंग जैसा .. निरंतर प्रवाहित  है जो  समान तरंगदैर्ध्य से , सदृश तरंग दैर्ध्य के बीच , और अलौकिकता क...
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Sunday, May 12, 2019

Hindi Love Poem : खुश्बू तेरी आयी है या कोई गुलिस्ताँ है यहाँ - Ranjan Kumar

May 12, 2019 0
खुश्बू तेरी आयी है या कोई गुलिस्ताँ है यहाँ ? नज़ारे बहके बहके हैं हवाएं महकी महकी हैं ! नया कुछ होनेवाला है मेरा दिल ये कहता है , परि...
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Wednesday, May 08, 2019

Love poem : वह चाँद आसमान का,महज एक टुकड़ा भर है तेरा हमदम - Ranjan Kumar

May 08, 2019 0
सुनो जानम, मैने तुम्हें मोहब्बत में  कभी चाँद का  टुकड़ा नहीं कहा.. क्योंकि  आसमान का वह चाँद  बेनूर है,बे नजाकत है  मगरूर है..! ...
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Tuesday, April 16, 2019

Thursday, April 11, 2019

Sunday, March 24, 2019

Friday, March 15, 2019

Spiritual love poetry : फिर मिलेंगे सफर में कहीं अनंत के - Ranjan Kumar

March 15, 2019 0
दुनिया के थपेडों से  घायल हो ज़िस्म फिर भी, रूह की पाकीजगी को  यूँ नूर से रौशन रखना ! रूह से जुड़े हों रूह के जो  वो रिश्ते नहीं मरा करते...
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Sunday, March 10, 2019

Tuesday, February 19, 2019

Tuesday, February 12, 2019

Thursday, February 07, 2019

Sunday, February 03, 2019