Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar: Vvk

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Thursday, January 31, 2019

Monday, January 28, 2019

Saturday, January 26, 2019

Monday, December 24, 2018

Saturday, December 08, 2018

Tuesday, December 04, 2018

ना रूठने के वास्ते, ना मनाने के वास्ते, चलो कोई गजल लिखें आज - दिल को बहलाने के वास्ते

December 04, 2018 0
ना रूठने के वास्ते, ना मनाने के वास्ते, चलो कोई गजल लिखें आज दिल को बहलाने के वास्ते.. . तुम रोते होगे की कोई छोड़ गया तुम्हें, ...
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Thursday, November 29, 2018

Wednesday, November 28, 2018

जो आँधियों ने तिनका - तिनका घोसला बनाये रक्खा है

November 28, 2018 0
चराग उनका अक्सर बारिशों से बचाये रक्खा है ,  जिनने हमसे सिर्फ एक कारोबारी रिश्ता रक्खा है ! समझतें हों समझने वाले आँसुओं की कीमत लाख ...
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Saturday, November 24, 2018

गर ख्याल हो तुम्हें - हम दोनों के हिस्से में धूप बराबर हीं थी !

November 24, 2018 0
गर ख्याल हो तुम्हें दोनों के हिस्से में धूप बराबर हीं थी! . अपना कारवां इक दूसरे के साथ भी रुका था कुछ वक़्त .  बस फर्क इ...
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Friday, November 23, 2018

लोग मिलते रहें , बिछड़तें रहें .. सफर आखिर लिखा तन्हा था , चलता रहा !

November 23, 2018 0
मुसलसल हादसों का सिलसिला .. चलता रहा ,  बारिश होती रही,शाख से पत्ता-पत्ता टूटता रहा ! . लोग कुछ जों बैठें थे .. रौशिनी की फ़िरा...
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Thursday, November 22, 2018