Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar: Poetry

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Sunday, September 22, 2019

Hindi poem : भीष्म की दृष्टि पा लेना फिर पहचान नहीं मुश्किल है कौन शिखंडी - Ranjan kumar

September 22, 2019 0
बाधाओ से लड़ना ही इतिहास है मेरा सूरज से गलबहियां करते बड़ा हुआ हूँ, दीपक की थर्राती लौ तुम मुझे न समझो जल जाओगे तपिश है इतनी ...
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Monday, September 09, 2019

Hindi Poem : तुम मरे नहीं धृतराष्ट्र जिंदा हो अब तक - Ranjan kumar

September 09, 2019 0
तुम मरे नहीं धृतराष्ट्र जिंदा हो अब तक ! आकार मे नहीं तो संस्कारों मे , घुसे हुये हो जाने कितने ही पिताओं के विचारों मे ! जब तक एक भी ब...
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Thursday, September 05, 2019

अब्राहम लिंकन का पत्र अपने बेटे के शिक्षक के नाम : अनुवाद स्वर्गीय श्री राजीव चतुर्वेदी - Ranjan Kumar

September 05, 2019 0
शिक्षक दिवस विशेष... अब्राहम लिंकन का पत्र अपने बेटे के शिक्षक के नाम" ...अनुवाद स्वर्गीय  श्री राजीव चतुर्वेदी जी .. मैं जा...
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Hindi love poem : जब उसने कह ही दिया मुझको कोई दीवाना - Ranjan Kumar

September 05, 2019 0
जब उसने कह ही दिया मुझको कोई दीवाना , सर पर ये इल्जाम ले जाऊँ तो किधर जाऊँ !  वफा की रस्मों पर अब ऐतबार और नहीं , अब तो आरजू भी यही है ...
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Wednesday, August 21, 2019

Sunday, July 21, 2019

Tuesday, July 09, 2019

Friday, July 05, 2019

Sunday, June 16, 2019

Hindi poetry on father's day : तुम्हारा अवशेष मुझमे जी रहा है शिद्दत से - Ranjan Kumar

June 16, 2019 0
ओ पिता तर्पण तुम्हें.. चिर विश्राम करो तुम,, परमात्मा की गोद में, तुम शेष नहीं दुनिया में, मगर तुम्हारा अवशेष मुझमे जी रहा है ......
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Monday, May 27, 2019

Thursday, May 23, 2019

Hindi poetry on life : प्यार और स्नेह धारा है एक विद्युत् तरंग जैसा - Ranjan Kumar

May 23, 2019 0
प्यार और स्नेह धारा है एक  विद्युत् तरंग जैसा .. निरंतर प्रवाहित  है जो  समान तरंगदैर्ध्य से , सदृश तरंग दैर्ध्य के बीच , और अलौकिकता क...
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Saturday, May 18, 2019

Spiritual emotional poetry : मार्ग पर बुद्धत्व के प्रियतम गए तुम - Ranjan Kumar

May 18, 2019 0
मार्ग पर बुद्धत्व के  प्रियतम गए तुम , मुझको कहो मेरा मार्ग क्या  और अभीष्ट क्या ? मार्ग में आड़े क्यों आया  पिता का फर्ज  और दायित्व ...
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Wednesday, May 15, 2019

Emotional poetry : इस मुश्किल में कहते हो तुम्हें अकेला छोड़ दूँ - Ranjan Kumar

May 15, 2019 0
इस मुश्किल में  कहते हो  तुम्हें अकेला छोड़ दूँ , लड़ लोगे ..? ये लड़ाई  सिर्फ तुम्हारी है ? जो गुजरे हैं वक़्त संग संग .. और जो गुजारे है...
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Sunday, May 12, 2019

Hindi Love Poem : खुश्बू तेरी आयी है या कोई गुलिस्ताँ है यहाँ - Ranjan Kumar

May 12, 2019 0
खुश्बू तेरी आयी है या कोई गुलिस्ताँ है यहाँ ? नज़ारे बहके बहके हैं हवाएं महकी महकी हैं ! नया कुछ होनेवाला है मेरा दिल ये कहता है , परि...
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Friday, May 10, 2019

Inspiring poetry : अप्राप्य सा कुछ भी नहीं है इस दुनिया में - Ranjan Kumar

May 10, 2019 0
अगर इंतजार हो शिद्दत से  तो कृष्ण .. आज भी होते हैं रुबरू , हृदय मे वेदना हो मीरा सी  पुकार मे प्रेम का आधार तो हो ! अप्राप्य सा .. ...
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Wednesday, May 08, 2019

Love poem : वह चाँद आसमान का,महज एक टुकड़ा भर है तेरा हमदम - Ranjan Kumar

May 08, 2019 0
सुनो जानम, मैने तुम्हें मोहब्बत में  कभी चाँद का  टुकड़ा नहीं कहा.. क्योंकि  आसमान का वह चाँद  बेनूर है,बे नजाकत है  मगरूर है..! ...
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Friday, May 03, 2019

Hindi poetry on present era of politics : तुम किधर हो इस लड़ाई में - Ranjan Kumar

May 03, 2019 0
राजनीति का विद्रूप चेहरा , और  आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी व्यवस्था ... कर रही है आह्वाहन , सुनो यह झूठा आर्तनाद , बेईमान गद्दारों द्वारा ...
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