Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar: life

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Thursday, September 05, 2019

अब्राहम लिंकन का पत्र अपने बेटे के शिक्षक के नाम : अनुवाद स्वर्गीय श्री राजीव चतुर्वेदी - Ranjan Kumar

September 05, 2019 0
शिक्षक दिवस विशेष... अब्राहम लिंकन का पत्र अपने बेटे के शिक्षक के नाम" ...अनुवाद स्वर्गीय  श्री राजीव चतुर्वेदी जी .. मैं जा...
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Thursday, May 23, 2019

Hindi poetry on life : प्यार और स्नेह धारा है एक विद्युत् तरंग जैसा - Ranjan Kumar

May 23, 2019 0
प्यार और स्नेह धारा है एक  विद्युत् तरंग जैसा .. निरंतर प्रवाहित  है जो  समान तरंगदैर्ध्य से , सदृश तरंग दैर्ध्य के बीच , और अलौकिकता क...
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Wednesday, May 22, 2019

Heart felt tribute to a friend : एक जंगल है तेरी यादों का उससे गुजरूँ तो राह भूल जाता हूँ - Ranjan Kumar

May 22, 2019 0
अरुण की पुण्यतिथि 22 मई पर विशेष - नमन और श्रद्धांजलि ..! ग्यारहवी के दो छात्र,दोनों की अटूट दोस्ती ..ए दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे वाली स...
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Wednesday, May 15, 2019

Emotional poetry : इस मुश्किल में कहते हो तुम्हें अकेला छोड़ दूँ - Ranjan Kumar

May 15, 2019 0
इस मुश्किल में  कहते हो  तुम्हें अकेला छोड़ दूँ , लड़ लोगे ..? ये लड़ाई  सिर्फ तुम्हारी है ? जो गुजरे हैं वक़्त संग संग .. और जो गुजारे है...
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Tuesday, May 14, 2019

Friday, May 03, 2019

Sunday, March 24, 2019

Tuesday, March 12, 2019

घने अंधियारों में खुद जलता तपता सूरज सा एक मुसाफिर,गरीब आदिवासिओं के मसीहा डॉ एस सी गर्ग - Ranjan Kumar

March 12, 2019 0
मानवता की सेवा में गरीबों के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित कर देनेवाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ एस सी गर्ग की प्रेरणा...
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Monday, January 21, 2019

Hindi Poetry on life and death : ओ कवि तुम मृत्यु को भी उतनी ही तल्लीनता से गुनगुनाओ अब तो - Ranjan Kumar

January 21, 2019 0
सिर्फ जीवन को ही नहीं तुम मृत्यु को भी उतनी ही तल्लीनता से गुनगुनाओ अब तो ... वरना शब्दों के चितेरे , और गीतकार तुम ...
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