Hindi poem : भीष्म की दृष्टि पा लेना फिर पहचान नहीं मुश्किल है कौन शिखंडी - Ranjan kumar
Ranjan Kumar
September 22, 2019
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बाधाओ से लड़ना ही इतिहास है मेरा सूरज से गलबहियां करते बड़ा हुआ हूँ, दीपक की थर्राती लौ तुम मुझे न समझो जल जाओगे तपिश है इतनी ...
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