Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar: spiritual

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Wednesday, August 21, 2019

Sunday, August 11, 2019

ईश्वर पथ में साधक को कुछ भी माँगना नहीं चाहिए - Ranjan Kumar

August 11, 2019 0
ईश्वर   पथ में यदि आप प्रवृत्त होते हैं, मनोकामनाओं की पूर्ति अयाचित होने लगती है । अतः साधक को कुछ भी माँगना नहीं चाहिए । आप अपनी क्र...
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Sunday, July 21, 2019

Saturday, May 18, 2019

Spiritual emotional poetry : मार्ग पर बुद्धत्व के प्रियतम गए तुम - Ranjan Kumar

May 18, 2019 0
मार्ग पर बुद्धत्व के  प्रियतम गए तुम , मुझको कहो मेरा मार्ग क्या  और अभीष्ट क्या ? मार्ग में आड़े क्यों आया  पिता का फर्ज  और दायित्व ...
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Friday, April 05, 2019

Sunday, March 24, 2019

Saturday, March 23, 2019

तुलसीदास रचित श्री हनुमान-बाहुक से संकलित हनुमान वंदना - Spiritual collection Ranjan Kumar

March 23, 2019 0
दूत रामराय को , सपूत पूत पौन को , तू अंजनी को नंदन प्रताप भूरी भानू सो ! सिय- सोच- समन , दुरित-दोष-दमन ,  सरन आये अवन ,लखन प्रिय प्राण स...
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Sunday, March 17, 2019

Friday, March 15, 2019

Spiritual love poetry : फिर मिलेंगे सफर में कहीं अनंत के - Ranjan Kumar

March 15, 2019 0
दुनिया के थपेडों से  घायल हो ज़िस्म फिर भी, रूह की पाकीजगी को  यूँ नूर से रौशन रखना ! रूह से जुड़े हों रूह के जो  वो रिश्ते नहीं मरा करते...
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Saturday, March 09, 2019

जीवन की हर परेशानी को दूर कर सकता है बाबा नीब करौरी जी का बताया हनुमान जी का अमोघ मन्त्र - Ranjan Kumar

March 09, 2019 0
बाबा नीब करौरी जी महाराज ने आज भी,जैसा की उन्होंने अपने भक्तों से कहा था तब कृपा की दरिया नहीं समन्दर कृपा की बहा रखा है इस धरती पर ...
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