Hindi Poetry Love Poem : ये प्यार मोहब्बत धोखा है, इस धोखे से मैं डरता हूँ - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

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Thursday, February 07, 2019

Hindi Poetry Love Poem : ये प्यार मोहब्बत धोखा है, इस धोखे से मैं डरता हूँ - Ranjan Kumar

Crow sitting together

ये प्यार मोहब्बत धोखा है,
इस धोखे से मैं डरता हूँ !

सच कहूँ ,
इसी उलझन के कारण 
दूर ही अक्सर रहता हूँ !!

नहीं चाहता बनना टिशु पेपर 
उपयोग करो और निपटा दो !

कुछ देर साथ लोगे दोगे,
फिर चलना होगा तो तन्हा ही !

तुम आगे कदम बढ़ाते हो ,
मैं कशमकश से गुजरता हूँ !!

ये प्यार मोहब्बत धोखा है,
इस धोखे से मैं डरता हूँ !

सच कहूँ ,
इसी उलझन के कारण 
दूर ही अक्सर रहता हूँ !!

बहुत देखे दिलवाले जग में ,
फरेबी हैं सब,झूठे वादे करते हैं !

मतलब की खातिर नेह लगाते ,
जरुरतें, पूरी होते ही मुकरते हैं  !

कसमे साथ की देते हो जब ,
तन्हाई से फिर गुजरता हूँ !!

ये प्यार मोहब्बत धोखा है,
इस धोखे से मैं डरता हूँ !

सच कहूँ ,
इसी उलझन के कारण 
दूर ही अक्सर रहता हूँ !!

शीशा दिल,फिर फिर टूटेगा मेरा 
अब प्रेम की पींगे रहने दो !

दिल की धड़कन कहती क्या है ,
मत सुनो मुझी तक रहने दो !

तुम मिल जाओ कहीं न राहों में 
घबरा के घर से  निकलता हूँ !!

ये प्यार मोहब्बत धोखा है,
इस धोखे से मैं डरता हूँ !

सच कहूँ ,
इसी उलझन के कारण 
दूर ही अक्सर रहता हूँ !!

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