friends_forever : रेत पर लिखी थी कभी रिश्तों की तहरीरें : Hindi love poetry - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

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Sunday, February 03, 2019

friends_forever : रेत पर लिखी थी कभी रिश्तों की तहरीरें : Hindi love poetry - Ranjan Kumar





रेत पर 
लिखी थी कभी 
हम सब ने 
रिश्तों की तहरीरें...



रेत फिसल गयी 
रिश्ते बाकी हैं ...

कई बार 
लिखते हैं जमीन पर 
रिश्तो की तहरीरें ..

और फिर 
न रिश्ते ही बचते हैं 
न जमीन ....
आ जाता है 
कहीं से रेत... !!

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