Hindi Poetry on life and death : ओ कवि तुम मृत्यु को भी उतनी ही तल्लीनता से गुनगुनाओ अब तो - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

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Monday, January 21, 2019

Hindi Poetry on life and death : ओ कवि तुम मृत्यु को भी उतनी ही तल्लीनता से गुनगुनाओ अब तो - Ranjan Kumar


सिर्फ जीवन को ही नहीं
तुम मृत्यु को भी
उतनी ही तल्लीनता से
गुनगुनाओ अब तो ...

वरना शब्दों के चितेरे ,
और गीतकार
तुम हो नहीं सकते ,

खुद को दिया 
धोखा है फिर
ये हुनर तेरा ..ए कवि 
अगर यह हुनर 
तुममें अबतक नही उतरा !!

- रंजन कुमार

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