Vvk Hindi Poetry : मत पूछना किसी ओस की बूंद से दर्द का मंजर ! - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

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Thursday, January 31, 2019

Vvk Hindi Poetry : मत पूछना किसी ओस की बूंद से दर्द का मंजर !

drops of water on leaves

मत पूछना कभी
किसी शाख पर,
ठहरे ओस की बूंद
से दर्द का मंजर,

आखिर कैसा लगता
होगा यूँ मुद्दतों 
आसमां की 
पलकों पर रहना..

और फिर 
एक दिन बस,
यूँ ही अचानक इतनी
ऊंचाई से गिरना..!

- Vvk

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