देश काल की तात्कालिक परिस्थितियां हमेशा महामानवों के विरुद्ध ही क्यों - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

Breaking

Friday, January 18, 2019

देश काल की तात्कालिक परिस्थितियां हमेशा महामानवों के विरुद्ध ही क्यों


विवेकानंद जैसे युगपुरुष ने 
इतनी छोटी उम्र में ही 
समाधि  क्यों ले ली ...? 

एक विकट प्रश्न है यह..
जो उठता है मन में मेरे 
धुँआ बन बन के..!

और जितना जानने की 
समझने की इसको ,
कोशिश करता हूँ 
उतना ही उलझता हूँ ...! 

देश काल की 
तात्कालिक परिस्थितियां 
हमेशा 
महामानवों के विरुद्ध ही 
क्यों होती हैं ...?

और फिर ,
उनके गुजर जाने पर ,

लकीर पीट पीट
न्हें स्वीकारते हैं ,
हम बहुत बाद में ...
क्या यह दुर्भाग्य नहीं है .. !!

No comments:

Post a Comment