Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar: Psakoloji bhauji

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Saturday, August 10, 2019

पसाकोलोजि भौजी का डिनर एक बड़े होटल में - Ranjan Kumar

August 10, 2019 0
एक नम्बर का कंजूस और मक्खीचूस है ई हमरा बुड्ढा भतार,कबो न होटल ले जाता है खाना खिलाने न ही घर मे टिफिन मंगवाता है कभी ई फ़रोफ्रेसर..हमारी...
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Thursday, January 24, 2019

Hindi novel #pasakoloji-bhauji : पसाकोलोजि भौजी के छोटकी बहिनी शिम्पिया का गणित ज्ञान : Ranjan Kumar

January 24, 2019 0
पसाकोलोजि भौजी की सबसे छोटकी बहिनी मैथ में बहुते तेज है ! मैथ के उस्ताद फरोफ्रेसर जीजा ने ऐसी ट्यूशन दी है अपने पास ला के रात रात भर कि शिम...
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Monday, January 07, 2019

Sunday, January 06, 2019

ब्लडी डॉग कहीं का - Part 01

January 06, 2019 0
पसाकोलोजि भौजी ने सुबह सुबह ही जब फोन किया हमको तब हमारा दिल और दिमाग दोनों ही शंका से भर गया .. वह तभी इतनी सबेरे फोन करती हैं हमको ,जब उ फ...
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Sunday, December 30, 2018

दामाद बाबू की जेब के करारे नोट और पसाकोलोजिया के पप्पा की उनपर नजर - Part 02

December 30, 2018 0
पिछले भाग से अब आगे ...इसे पढने से पहले आप यह पढ़ लें नीचे की लिंक में फिर आगे बढ़े अज की कहानी में .. दामाद बाबू की  जेब के करारे नोट और प...
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Thursday, December 27, 2018

पसाकोलोजि भौजी के पप्पा और दामाद की जेब के करारे करारे नोट !

December 27, 2018 0
दामाद बबुआ के जेब में जो देखे थे शाम को सरसराते फडफडाते हुए  करारे करारे नोट पराजित मिश्र ने वह उनका चैन और सुकून ले उड़ा था ! दो तीन द...
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Saturday, December 15, 2018

Part 02 - पसाकोलोजिया के पप्पा से पहली मुलाक़ात

December 15, 2018 0
मुझसे अब और बेइज्जती होते देखना सहन सीमा के मेरे पार जाने लगा था  बस में चढ़े उस नौजवान की,तो मैंने जबरन महेंद्र बाबू को कहकर उसके हिस्से का...
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