Hindi Poetry : मुझे लिहाज है मै मौन हूँ - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

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Saturday, February 09, 2019

Hindi Poetry : मुझे लिहाज है मै मौन हूँ - Ranjan Kumar

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मुझे लिहाज है 
मै मौन हूँ ,
और लोग हैं गुमान में !

नासमझ और मूर्ख जान 
सब लूट रहे हैं मुझे ,
मै लुट रहा हूँ जानकर
रिश्तों की मर्यादा रहे !

सोचता हूँ
कब तक ये निभ पायेगा ...
जब सोच ही है अलहदा ,
मंजिलें ही हैं जुदा ?

और मौन तोड़ा मैंने गर ,
फिर कौन मुंह दिखायेगा
और कौन मुंह छिपाएगा ?

मुझे लिहाज है
मै मौन हूँ ,
और लोग हैं गुमान में !!

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