Hindi poem : मेरी आँखों में मत झांक - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

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Sunday, February 24, 2019

Hindi poem : मेरी आँखों में मत झांक - Ranjan Kumar



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मेरी आँखों में मत झांक ,
हिलोरें मारता 
यहाँ सच का समंदर है !

तैरने का इल्म 
समंदर में 
सबको नहीं होता !

जिद की तो ,
ए नादान
बेवजह डूब जाएगा !

जो थाह लेने आये हो 
गहराई की ,
यत्न ये बेमतलब है !

पैमाइश ही करनी है 
तो जा 
किसी दरिया में उतर जा !!

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