Hindi poetry : रक्त चूषक - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

Breaking

Saturday, March 16, 2019

Hindi poetry : रक्त चूषक - Ranjan Kumar

blood-sucker

रक्त चूषक
अक्सर 
लिजलिजे होते हैं ,
सर्व सुलभ 
और सर्व ब्यापक भी !

यथा
जोंक ,चमोकन ,
खटमल , मच्छर ,
और कुछ इंसान भी ...!


इनके आस पास
होने का
एहसास ही
अजीब लिजलिजेपन से
भर देता है मन को !


यह एहसास ही
जानलेवा है ,
ओ खुदा कहाँ हो तुम ,
निकालो मुझे यहाँ से
यहाँ सर्वत्र इन्हीं का बसेरा है !!

No comments:

Post a Comment