Inspiring Hindi poetry : तू बस टिमटिमाता रह - Ranjan Kumar - Ranjan Kumar Dil ❤ Se - Poetry and Works of Ranjan Kumar

Breaking

Tuesday, March 12, 2019

Inspiring Hindi poetry : तू बस टिमटिमाता रह - Ranjan Kumar

lantern-light


उधार का तेल 
और उधार की ही 
बाती है तेरे पास ,
तू बस टिमटिमाता रह !!

मैं मशाल हूँ 
जितनी भी देर जला 
बस जलूँगा,
और भरपूर रौशनी दूंगा !


मर मिटने से पहले 

इस घने कोहरे को
भी चीरने का ,

हुनर मुझको आता है !!

मै जलूँगा तो नूर बिखरेगा,
महमहा जाएंगी 
सब दिशाएं एकबारगी,
मेरे बुझने तक !!


- रंजन कुमार 

No comments:

Post a Comment